चोपता में पर्यटन को बढ़ावा देने को जिलाधिकारी ने तुंगनाथ पर्यटन एवं पर्यावरण संरक्षण समिति और स्थानीय निवासियों से मांगे सुझाव

तुंगनाथ:

जिलाधिकारी श्री मनुज गोयल जी ने तुंगनाथ घाटी के विभिन्न यात्रा पड़ावों का स्थलीय निरीक्षण किया तथा स्थानीय तीर्थाटन व पर्यटन को बढ़ावा देने तथा स्थानीय युवाओं को पर्यटन व्यवसाय से जोड़ने के उद्देश्य से स्थानीय व्यापारियों , टी. पी. पी. एस. अस. व युवाओ एवं जनप्रतिनिधियों से सुझाव मांगे तथा सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को समस्याओं के निराकरण के निर्देश दिए। इस दौरान स्थानीय व्यापारियों व जनप्रतिनिधियों ने तुंगनाथ घाटी में फैली समस्याओं के निराकरण की मांग की जिस पर जिलाधिकारी ने उन्हें आश्वासन दिया कि तुंगनाथ घाटी में फैली हर समस्या का निराकरण आपसी सामंजस्य से धीरे – धीरे किया जा सकता है। जिलाधिकारी मनुज गोयल ने विगत दिनों शहीद हुए 5 गढ़वाल राफल्स में तैनात उषाडा गाँव निवासी स्व अरविन्द सिंह नेगी के घर पहुंचकर परिजनों को सात्वना दी तथा तुंगनाथ घाटी के विभिन्न यात्रा पड़ावों का निरीक्षण कर चोपता में स्थानीय पर्यटन व्यवसाय को बढ़ावा देने तथा तुंगनाथ घाटी में फैली समस्याओं के निराकरण के लिए स्थानीय व्यापारियों तथा युवाओं के सुझाव मांगते हुए कहा कि तुंगनाथ घाटी में तीर्थाटन व पर्यटन की अपार सम्भावनाये तो है, मगर प्रकृति के श्रृंगार को यथावत रखने के लिए सामूहिक पहल होने चाहिए! स्थानीय व्यापारियों ने यात्रा पड़ावों पर शौचालय व पार्किंग निर्माण की मांग की गई ।

जिस पर तुंगनाथ पर्यटन एवं पर्यावरण संरक्षण समिति अध्यक्ष श्री मनोज भंडारी जी के द्वारा जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग को यह अवगत कराया गया कि पर्यटन मंत्री माननीय श्री सतपाल महाराज द्वारा TPPSS समिति को चोपता में सबसे जरूरी एक सुलभ शोंचालय बनवाने के लिए 15 लाख दिए जाएंगे ताकि पर्यटन घाटी की मुख्य समस्याओं में से एक समस्या का समाधान हो जाये। तथा श्री मनोज भंडारी जी द्वारा यह भी जानकारी दी गई कि चोपता की सबसे बड़ी समस्या को हल करने के संबंध में उनकी माननीय मुख्यमंत्री से विचार विमर्श हुआ और उनके द्वारा कूड़ा निस्तारण के लिए 2 मशीने लगवाई जाएंगी ताकि कूड़ा निस्तारण की समस्या भी समाप्त हो । जिलाधिकारी ने हक हकूकधारियो को एवं ब्यापारियों को आश्वासन दिया कि शासन के निर्देशो के अनुसार बर्तमान में रोजजगार कर रहे स्थानीय निवासियों के हितो को ध्यान में रखकर रोजगार सृजन पे अग्रिम कार्यवाही की जायेगी। प्रधान मक्कू विजयपाल नेगी नेगी कोविड 19 के कारण गाँव लौटे युवाओं को तुंगनाथ घाटी में रोजगार से जोड़ने की मांग की जिस पर जिलाधिकारी ने कहा कि हर युवा को रोजगार से जोड़ने की पहल तो की जायेगी मगर इस पहल के लिए ग्रामीणों, प्रशासन तथा वन विभाग सहित सभी पक्षों की सहमति अनिवार्य होनी चाहिए! बिधुत विभाग के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए कहा कि ताला से तुंगनाथ धाम तक विधुत लाइन की कार्ययोजना तैयार है मगर वन अधिनियम के कारण बिधुत लाइन बिछाने में बाधा पहुंच रही है जिस पर जिलाधिकारी ने एक सप्ताह के अन्तर्गत कार्यवाही प्रस्तुत करने के निर्देश दिए! व्यापारियों की शिकायत पर जल निगम व जल संस्थान के अधिकारियों ने बताया कि तुंगनाथ धाम में जो पानी का स्रोत है वह सूख चुका है इसलिए तुंगनाथ यात्रा पड़ावों पर पेयजल संकट बना रहता है जिस पर जिलाधिकारी ने जल निगम, जल सस्थान, वन विभाग व विकासखंड को जल संरक्षण के तहत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए! ! स्थानीय व्यापारियों की मांग पर यात्रा पड़ावों पर कूड़ा निस्तारण के लिए जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी श्री परमानन्दं जी को नगर पंचायत अगस्त्यमुनि या ऊखीमठ से उचित दरों पर वाहन के द्वारा कूड़ा निस्तारण के निर्देश दिये व TPSS के के अध्यक्ष को मुख्यमंत्री जी से कूड़ा निस्तारण के लिए अपने स्तर पर भी बात करने को कहा गया।

प्रधान दैडा़ योगेन्द्र नेगी ने जी आई सी दैडा़ के निचले हिस्से में भूधसाव को रोकने की मांग की जिस पर जिलाधिकारी ने एस डी एम को स्थानीय निरीक्षण कर आकणन तैयार करने के साथ ही वन विभाग अगस्त मुनि को ई डी सी गठन के निर्देश दिए । इस मौके पर प्रधान सन्दीप पुष्वाण, कुवर सिंह बजवाल, पुलिस अधीक्षक नवनीत भुल्लर, केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग डी एफ ओ अमित कुवर, खण्ड विकास अधिकारी दिनेश चन्द्र मैठाणी, मोहन प्रसाद मैठाणी, राजस्व उप निरीक्षक सतीश भटट्, ललित मोहन नेगी, बीरेन्द्र भण्डारी, सतीश मैठाणी सहित दर्जनों व्यापारी, जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे

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